उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बयान जारी करते हुए श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में हुई चोरी व कथित वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले को लेकर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और सबूतों का संज्ञान लेते हुए उन्होंने इस कृत्य की घोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के राज में पहले अयोध्या के राम मंदिर और अब सतयुग के प्रतीक पावन बद्रीनाथ धाम में आस्था के नाम पर हो रही यह लूट बेहद शर्मनाक और बर्दाश्त से बाहर है।गणेश गोदियाल ने कहा कि श्रद्धालु अपनी गाढ़ी कमाई का अंश भगवान के चरणों में समर्पित करते हैं, लेकिन मंदिर प्रशासन की नाक के नीचे उस चढ़ावे पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि सरकार द्वारा नियुक्त मंदिर समिति के लोग ही इस पूरे भ्रष्टाचार को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी कदम नहीं उठाती, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। गणेश गोदियाल ने माँग की है कि संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया जाये इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए वर्तमान नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में तत्काल प्रभाव से एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित की जाए।न्यायिक जांच की की भी माँग उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार विपक्ष को जांच में शामिल करने से डरती है, तो इस महाघोटाले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच (Judicial Probe) कराई जाए।दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी अति आवश्यक है वीडियो साक्ष्यों के आधार पर मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सचिव व अन्य संलिप्त अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर जेल भेजा जाए।मामले को दबाने की कोशिश बंद हो मंदिर समिति द्वारा मामले को रफा-दफा करने या छोटे कर्मचारियों पर ठीकरा फोड़कर मुख्य आरोपियों को बचाने के प्रयासों पर तत्काल रोक लगे।गोदियाल ने अंत में कहा कि यह करोड़ों सनातनी भाई-बहनों के विश्वास का विषय है। यदि उत्तराखंड के चारों धामों की पवित्रता और वहां के खजाने को इस तरह लूटा जाएगा, तो देवभूमि की छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचेगी। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक अपना आंदोलन और विरोध जारी रखेगी।
