Monday, May 25, 2026
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नारी सम्मान पर कांग्रेस घिरी, कांग्रेस के विरोध में देहरादून में महिलाओं की विशाल रैली; मुख्यमंत्री धामी का महिला आरक्षण मुद्दे पर राहुल गांधी पर तीखा हमला

  • धामी का तीखा प्रहार—राहुल गांधी को बताया ‘दुर्योधन’, अखिलेश यादव को दी ‘दुशासन’ की संज्ञा
  • धामी का परिवारवाद पर प्रहार, कांग्रेस की नीतियों पर उठाए सवाल
  • धामी का तंज—“‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ सिर्फ नारा, असल लड़ाई में कांग्रेस पीछे हट गई”
  • “परिवारवाद में फंसी कांग्रेस, आम महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं – सीएम धामी”

देहरादून के परेड ग्राउंड से आज एक जोरदार सियासी संदेश निकला, जहां आयोजित महिला जन आक्रोश रैली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने धाकड़ अंदाज में नजर आए। हजारों की संख्या में उमड़ी मातृशक्ति के बीच सीएम धामी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर सीधा और तीखा हमला बोला, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में संसद का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरे देश की नजर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर थी, तब कांग्रेस और उसके नेताओं का रवैया महिलाओं के सम्मान के विपरीत था। उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार ऐसा था मानो महिलाओं के अधिकारों पर चोट को भी वह अपनी जीत मान रहे हों। इसी संदर्भ में उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कांग्रेस को कौरवों की सेना करार दिया और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें दुर्योधन जैसी मानसिकता वाला बताया, जबकि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को दुशासन की संज्ञा दी।

सीएम धामी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कांग्रेस के परिवारवाद पर भी करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में महिला सशक्तिकरण केवल एक परिवार तक सीमित है और यदि इंदिरा गांधी नेहरू परिवार से न होतीं तो उन्हें वह अवसर शायद ही मिलता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सामान्य परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाने के बजाय केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही आगे लाने की राजनीति करती रही है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” जैसे अभियानों पर करोड़ों खर्च किए गए, लेकिन जब संसद में महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का समय आया तो कांग्रेस ने पीछे हटकर अपनी असल सोच उजागर कर दी।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड कांग्रेस पर भी दोहरे चरित्र का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ओर संसद में महिला आरक्षण का विरोध किया गया और दूसरी ओर अब प्रदेश में दिखावे के लिए आंदोलन किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने का प्रयास बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति इस दोहरे रवैये को भली-भांति समझ चुकी है।

मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान यह भी कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जनधन जैसी पहलों से महिलाओं को सशक्त बनाया गया है और आज देश की महिलाएं रसोई से निकलकर रायसीना हिल्स तक अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज करा रही हैं, जो बदलते भारत की तस्वीर को दर्शाता है।

संबोधन के पश्चात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पदयात्रा भी निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर कांग्रेस के खिलाफ जोरदार आक्रोश देखने को मिला और महिलाओं ने एक स्वर में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की नीतियों का विरोध करते हुए नारी सम्मान के समर्थन में सशक्त संदेश दिया।

रैली में उमड़ा जनसैलाब और महिलाओं का उत्साह इस बात का संकेत देता नजर आया कि नारी शक्ति के मुद्दे पर अब सियासत और ज्यादा तेज होने वाली है। मुख्यमंत्री धामी ने मंच से यह भी कहा कि आने वाले चुनावों में महिलाएं इसका जवाब जरूर देंगी और जिन दलों ने उनके अधिकारों में बाधा डालने का काम किया है, उन्हें जनता के बीच जवाब देना होगा।

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