Tuesday, September 8, 2026
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हैल्थ मंत्र से सशक्त हुईं श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में छात्राएं

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी सेल के सहयोग से एक दिवसीय काउंसलिंग एण्ड मोटीवेश्नल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ मन का आधार है और स्वस्थ मन ही व्यक्ति को बेहतर निर्णय लेने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा जीवन में आगे बढ़ने की ऊर्जा देता है। इसी सोच को केंद्र में रखते हुए श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में छात्राओं के समग्र स्वास्थ्य, मानसिक सशक्तिकरण और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर एक दिवसीय काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने छात्र-छात्राओं के साथ स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया और उन्हें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया मंगलवार को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. लोकेश गंभीर, कुलसचिव, एसजीआरआरयू, डॉ. यामिनी कंसल, वरिष्ठ गाइनी कैंसर विशेषज्ञ, डॉ. नीनू कौल, त्वचा एवं यौन रोग विशेषज्ञ, डॉ. मालविका कांडपाल, डीन स्टूडेंट वेलफेयर तथा डॉ. सोनिया गंभीर, डायरेक्टर आईक्यूएसी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया

मेडिकल सत्र में वरिष्ठ गाइनी कैंसर विशेषज्ञ डॉ. यामिनी कंसल ने महिला स्वास्थ्य के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को सामान्य स्त्री रोग संबंधी समस्याओं, मासिक धर्म संबंधी

अनियमितताओं, एनीमिया, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली तथा एचपीवी वैक्सीनेशन के महत्व के बारे में जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था और युवावस्था में होने वाले हार्मोनल एवं शारीरिक बदलावों को समझना बेहद जरूरी है त्वचा एवं यौन रोग विशेषज्ञ डॉ. नीनू कौल ने “किशोरावस्था की त्वचा: सामान्य समस्याएं एवं सौंदर्य संबंधी चुनौतियां” विषय पर छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने

बताया कि किशोरावस्था में हार्मोनल बदलावों के कारण मुंहासे, तैलीय त्वचा और अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं आम हैं। उन्होंने त्वचा की स्वच्छता, संतुलित आहार और उचित स्किन केयर के महत्व को समझाते हुए कहा कि स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी सौंदर्य ही नहीं, बल्कि आंतरिक स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. शिवांजली गुप्ता ने “किशोर मन को समझना” विषय पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था जीवन का ऐसा दौर है, जिसमें पढ़ाई, करियर, रिश्तों, सामाजिक अपेक्षाओं और भविष्य को लेकर तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में अवसाद, चिंता, भावनात्मक तनाव और खान-पान संबंधी विकार जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। उन्होंने आत्महत्या के बढ़ते मामलों को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि मानसिक परेशानी से जूझ रहे व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय उसकी बात सुनना, भावनात्मक सहयोग देना और आवश्यकता पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना जरूरी है।
डायटीशियन सोनम ने छात्राओं को स्वस्थ एवं संतुलित खानपान के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवावस्था में शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, विटामिन, मिनरल्स और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत होती है। अनियमित खानपान, भोजन छोड़ने की आदत और जंक फूड का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने छात्राओं को स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करने, पर्याप्त पानी पीने तथा संतुलित डाइट अपनाने की सलाह दी।
योग विशेषज्ञ डॉ. हिमानी नौटियाल ने योग एवं प्राणायाम को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए छात्राओं को तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और शरीर को सक्रिय रखने के लिए नियमित योगाभ्यास के टिप्स दिए।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए स्वास्थ्य संबंधी उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय की सैकड़ों छात्राओं ने प्रतिभाग किया। मंच संचालन मिस सिमरन अग्रवाल ने किया, जबकि कार्यक्रम का समन्वय मिस आयुषी आहलूवालिया ने किया

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