Friday, October 23, 2026
Homeउत्तराखंडपुलिस में 1,600 पदों पर जल्द भर्ती; थानों का बजट होगा दोगुना

पुलिस में 1,600 पदों पर जल्द भर्ती; थानों का बजट होगा दोगुना

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस विभाग को मजबूत बनाने और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न इकाइयों में करीब 1,600 रिक्त पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और थानों के वार्षिक बजट को चार करोड़ से बढ़ाकर आठ करोड़ रुपये करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बुधवार को पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड पुलिस के उपनिरीक्षक स्वर्गीय विनोद कुमार भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों का त्याग और समर्पण पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

पुलिसकर्मियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

मुख्यमंत्री की घोषणाओं में थानों और चौकियों में कार्मिकों की आवश्यकता के अनुसार पदों की समीक्षा, विवेचकों को आधुनिक जांच किट उपलब्ध कराना, प्रदेश के सभी पुलिस मॉडर्न स्कूलों का सुदृढ़ीकरण, देहरादून में पुलिसकर्मियों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल और बहुमंजिला बैरक का निर्माण तथा देहरादून स्थित पुलिस अस्पताल का उच्चीकरण शामिल है। इन कदमों का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां और उनके परिवारों को सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

धामी ने कहा कि पुलिस की वर्दी साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी पुलिसकर्मी अपने परिवारों से दूर रहकर आम लोगों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और आपदाओं के दौरान पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

नशे और साइबर अपराध पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने नशे और साइबर अपराध को मौजूदा समय की बड़ी चुनौतियां बताते हुए कहा कि नशे की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स गठित की गई है। ड्रग फ्री उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने साइबर अपराधों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क के तहत क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है।

785 पुलिसकर्मियों को मिली पदोन्नति

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस वर्ष 785 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई। नागरिक पुलिस में 1,573 और पीएसी में 370 आरक्षियों की सीधी भर्ती की गई है। उपनिरीक्षक, प्लाटून कमांडर और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 222 पदों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी की गई है। मृतक पुलिसकर्मियों के 24 आश्रितों को नियुक्तियां दी गई हैं।

उन्होंने बताया कि पुलिस आवास संतुष्टि दर 18 प्रतिशत से बढ़कर 22 प्रतिशत हो गई है, जिसे 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। चालू वित्तीय वर्ष में थानों, अग्निशमन केंद्रों, बैरकों, मैस और अन्य कार्यस्थलों के लिए 58 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है। पुलिसकर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

कांवड़ और चारधाम यात्रा में पुलिस की भूमिका सराही

मुख्यमंत्री ने इस वर्ष करीब पांच करोड़ कांवड़ यात्रियों और चारधाम यात्रा में 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में पुलिस के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इस वर्ष 319 पुलिसकर्मियों को विभिन्न पदकों और सम्मान चिह्नों से अलंकृत किया गया है। उत्तराखंड पुलिस का प्रतिष्ठित ‘प्रेसिडेंट्स पुलिस कलर्स’ के लिए नामित होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि राज्य गठन से अब तक उत्तराखंड पुलिस के 206 कार्मिक कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राण न्योछावर कर चुके हैं। इस वर्ष पुलिस शहीद कोष से आश्रित परिवारों को करीब 50 लाख रुपये की सहायता दी गई है। पुलिस सैलरी पैकेज के तहत अब तक लगभग 31 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है। इसके अलावा जीवन रक्षक निधि से 25 कार्मिकों को 1.16 करोड़ रुपये की सहायता और 446 मेधावी बच्चों को 34 लाख रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है।

कार्यक्रम में सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी, सचिव गृह शैलेश बगोली, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments