Friday, March 27, 2026
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल अवसंरचना को नई गति, पूर्ण व प्रगतिरत परियोजनाओं की समीक्षा

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हर्रावाला, रुड़की व कोटद्वार स्टेशनों का कायाकल्प,

हरिद्वार–देहरादून खंड की क्षमता वृद्धि पर जोर

रेल सुरक्षा और यातायात सुधार की दिशा में बड़ा कदम, राज्य में कई ROB/RUB/LHS कार्य पूर्ण, शेष पर समन्वय के निर्देश

टनकपुर स्टेशन पुनर्विकास और अर्द्धकुंभ तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएँ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में डीआरएम, मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव ने शिष्टाचार भेंट की

इस अवसर पर राज्य में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पूर्ण एवं प्रगतिरत रेल परियोजनाओं तथा भविष्य की आवश्यकताओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

भेंट के दौरान डीआरएम, मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उत्तराखंड राज्य में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएँ सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि रुड़की से देवबंद को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना (27.45 किलोमीटर) का कमीशनिंग कर दिया गया है, जिसके अंतर्गत बनहेड़ा खास एवं झबरेड़ा में नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के प्रमुख रेल मार्गों पर गति वृद्धि से संबंधित कार्य भी पूर्ण किए गए हैं, जिनमें लक्सर–हरिद्वार रेल खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक उन्नत किया गया है, जबकि सहारनपुर–हरिद्वार खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 130 किलोमीटर प्रति घंटा गति लक्ष्य हेतु डीपीआर स्वीकृत की जा चुकी है तथा दीर्घकालिक रूप से 160 किलोमीटर प्रति घंटा गति के लिए मार्गों की पहचान की गई है।

उन्होंने आगे बताया कि उत्तराखंड खंड में लक्सर, लंढौरा–धनौरा, रुड़की, चोड़ीआला एवं ऐथल सहित कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी एवं एलएचएस से संबंधित कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और व्यस्त स्थानों पर यातायात जाम की समस्या में कमी आई है।

डीआरएम विनीता श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएँ वर्तमान में प्रगति पर हैं। उन्होंने अवगत कराया कि हर्रावाला, रुड़की एवं कोटद्वार रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है, जिसमें नए स्टेशन भवनों का निर्माण, एसी प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, दिव्यांगजन एवं पैदल यात्रियों के अनुकूल डिज़ाइन, प्लेटफार्म ऊंचाई का मानकीकरण, प्लेटफार्म शेड, नए एवं चौड़े फुट ओवर ब्रिज (FOB) तथा आधुनिक सर्कुलेटिंग एवं पार्किंग क्षेत्र का विकास शामिल है।

उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार एवं देहरादून रेलवे स्टेशनों के लिए क्षमता वृद्धि के साथ व्यापक पुनर्विकास प्रस्तावित है, जिसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएँ, आइकॉनिक टर्मिनल डिज़ाइन, आगमन एवं प्रस्थान का पृथक्करण तथा बेहतर बाह्य यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके साथ ही योग नगरी ऋषिकेश से कर्णप्रयाग को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना निर्माणाधीन है, जिसकी कुल लंबाई 125.20 किलोमीटर है। इस परियोजना में मार्ग में 12 स्टेशन, 35 पुल एवं 17 सुरंगें शामिल हैं तथा प्रमुख सुरंगों का कार्य लगभग 94 प्रतिशत तक पूर्ण किया जा चुका है।

डीआरएम ने यह भी जानकारी दी कि राज्य में नए माल टर्मिनलों के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसमें पत्री (PRI) में एकीकृत माल टर्मिनल सुविधा का विकास तथा पत्री एवं ज्वालापुर (JWP) स्टेशनों को एलएमवी लोडिंग हेतु उन्नत किया जा रहा है

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इकबालपुर आरओबी, जिसमें पीडब्ल्यूडी के पास अप्रोच भूमि लंबित है, धनौरा आरओबी, जिसमें रक्षा भूमि से संबंधित प्रकरण लंबित है, तथा लक्सर एलएचएस, जिसे उच्च जलस्तर के कारण संशोधित किया गया है और जहाँ दोपहिया वाहनों के अनुकूल एफओबी प्रस्तावित है, जैसे कार्यों पर राज्य एवं रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार–देहरादून रेल खंड की क्षमता वृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि हर्रावाला में 24-कोच हैंडलिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिसमें लूप लाइन विस्तार एवं गति वृद्धि के लक्ष्य शामिल हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस परियोजना के अंतर्गत वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से वन्यजीव न्यूनीकरण योजना तैयार की जा रही है।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए कि टनकपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा आगामी अर्द्धकुंभ के दृष्टिगत रेल एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित सभी तैयारियाँ समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाएँ, ताकि श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सके

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