देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र में एक अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए एकता विहार क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे भवन को सील कर दिया गया। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना अनुमति निर्माण कार्य किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एमडीडीए की टीम द्वारा की गई जांच में पाया गया कि सहस्त्रधारा रोड स्थित एकता विहार, लेन नंबर-16 ए, देहरादून में भवन स्वामी रिमी अरोड़ा द्वारा बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। नियमानुसार प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।
प्राधिकरण द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित भवन स्वामी को नियमानुसार नोटिस जारी किया गया था। हालांकि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब अथवा मानचित्र स्वीकृति प्रस्तुत नहीं की गई। इसके बाद प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान एमडीडीए की टीम मौके पर मौजूद रही और विधिक प्रक्रिया के तहत सीलिंग की कार्रवाई पूरी की गई। इस दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता विदिता कुमारी तथा संबंधित सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे और पूरी कार्रवाई को नियमानुसार संपन्न कराया। एमडीडीए ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना दंडनीय है। प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्राधिकरण ने आम नागरिकों और भवन स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले प्राधिकरण से विधिवत मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। नियमों का पालन करना शहर के सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि देहरादून सहित प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार को देखते हुए यह अत्यंत आवश्यक है कि सभी निर्माण कार्य नियमानुसार और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जाने वाले निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इससे शहर के सुनियोजित विकास, यातायात प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एमडीडीए द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं और जहां भी अवैध निर्माण की सूचना प्राप्त होती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। उपाध्यक्ष ने नागरिकों से अपील की कि वे भवन निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि शहर के सुव्यवस्थित और सुरक्षित विकास के लिए सभी को नियमों का पालन करना आवश्यक है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। निरीक्षण के दौरान जहां भी बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य पाया जाता है, वहां नियमानुसार नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि सहस्त्रधारा रोड स्थित अवैध निर्माण के मामले में भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए भवन को सील किया गया है। सचिव ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें
