Thursday, March 26, 2026
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एसजीआरआरयू में फार्मा उद्यमिता एवं फार्मा स्टार्टअप्स पर विषेशज्ञों ने दिखाई नई राहें

  • एसजीआरआरयू में फार्मा अन्वेषण 2025 कार्यक्रम का आयोजन

देहरादून। स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज, श्री गुरु राम राय विश्विद्यालय, देहरादून में फार्मा अन्वेषण 2025 का आयोजन बड़े उत्साह और जोश के साथ किया गया। इस भव्य कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गुरु राम राय विष्वविद्यालय की कुलपति, प्रो. (डाॅ) कुमुद सकलानी, डीन, स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज, प्रो. (डाॅ) दिव्या जुयाल एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया गया ।

इस अवसर पर प्रो. (डाॅ) दिव्या जुयाल ने अपने सम्बोधन में विद्यार्थियों को फार्मेसी षिक्षा के जनक डाॅ एम. एल. श्रॉफ की जयंती के बारे में अवगत कराया और उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं को फार्मा सेक्टर में उज्जवल भविष्य हेतु प्रयासों के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग में प्रगति और नवाचार के असीम अवसर उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाने के लिए छात्र-छात्राओं को सतत प्रयास करना चाहिए।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘‘फार्मा में उद्यमिता और स्टार्टअप्स तथा फार्मेसी प्रैक्टिस को प्रोत्साहन-नवाचार, इनक्यूबेशन सेंटर और फार्मास्युटिकल स्टार्टअप्स’’ को बढ़ावा देना था । यह आयोजन फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पी. सी. आई.) के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें फार्मा क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया और विद्यार्थियों को उद्योग की आवष्यकताओं तथा संभावित करियर अवसरों के बारे में जागरूक किया । इसके उपरान्त डा. उत्तराखण्ड राज्य के सेंट्रल फार्मेसी काउंसिल के सदस्य डाॅ. शिवानंद पाटिल ने सम्बोधन में छात्र-छात्राओं को फार्मा अन्वेषष के विषय से परिचित कराया।

कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने फार्मा उद्योगों की विशेष जरूरतों और छात्र-छात्राओं से उनकी अपेक्षाओं पर प्रकाश डाला ।

कार्यक्रम में फार्मा क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञों त्रिभुवन सेमवाल (जनरल मैनेजर, प्रोडक्षन – यूनि मेडिको लैब्स), संदीप नारायण (हेड एच आर – पलैनेट हर्ब) ने भी भाग लिया ।

विशेषज्ञों ने फार्मा उद्योग की मौजूदा जरूरतों और छात्र-छात्राओं से उनकी अपेक्षाओं पर प्रकाष डाला। सन्दीप नारायण ने छात्र-छात्राओं को रोजगार योग्यता एवं फार्मा उद्यमीता बनने पर ध्यान देने और उद्योगों की बदलती आवष्यकताओं के अनुरूप समय को विकसित करने की सलाह दी ।

त्रिभुवन सेमवाल ने कहा कि फार्मास्युटिकल उत्पादन में करियर बनाने के लिए छात्र-छात्राओं को व्यवहारिक ज्ञान और तकनीकी दक्षता विकसित करनी होगी। उन्होंने गुणवत्ता पूर्ण उत्पादन और विनिर्माण प्रक्रियाओं की महता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित कुछ फैकल्टी सदस्यों ने भी अपने विचार सांझा किए। जैसे की डा॰ मीनू चैधरी ने पेटेंट और उद्यमिता पर प्रकाश डाला। डा॰ मनीषा मैडुली ने स्टार्टअप्स के बारे में जानकारी दी। और डा॰ योगेश ने फार्मा उद्यमिता पर अपने विचार प्रस्तुत किए ।

इसके साथ ही फार्मासी काउंसिल ऑफ इंडिया (पी. सी. आई.) के निर्देशानुसार, प्रस्तुत यू टयूब लिंक को छात्र-छात्राओं एवं फार्मा उद्योग से आए अतिथियों के साथ प्रदर्षित किया ।

इस आयोजन ने फार्मास्युटिकल शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य किया, जिससे छात्र-छात्राओं को नवीन अवसरों और उद्योग की अपेक्षाओं की गहरी समझ प्राप्त हुई फार्मा अन्वेष ण 2025 जैसे कार्यक्रम भविष्य में भी फार्मास्युटिकल क्षेत्र में शेष, नवाचार और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देते रहेंगे ।

कार्यक्रम में स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के सभी फैक्लटी सदस्यों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

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