देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत रेसकोर्स स्थित एक बहुमंजिला व्यवसायिक भवन को सील कर दिया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
एमडीडीए के संयुक्त सचिव प्रत्यूष सिंह के निर्देशों पर यह कार्रवाई अमरजीत सिंह द्वारा 03 रेसकोर्स, देहरादून में कराए जा रहे व्यवसायिक बहुमंजिला निर्माण पर की गई। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन को सील किया और स्पष्ट संदेश दिया कि बिना स्वीकृति निर्माण करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
बताया गया कि संबंधित निर्माण प्राधिकरण की स्वीकृत मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था। लगातार मिल रही शिकायतों और जांच के बाद एमडीडीए ने कार्रवाई को अंजाम दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता निषांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा समेत सुपरवाइजर और अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
एमडीडीए ने साफ किया है कि देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण की नजर ऐसे सभी निर्माणों पर है जो नियमों को ताक पर रखकर खड़े किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि भवन निर्माण से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृति और अनुमति अवश्य लें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य लें- बंशीधर तिवारी
देहरादून शहर का सुनियोजित विकास एमडीडीए की प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति को नियमों की अनदेखी कर अवैध निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। रेसकोर्स क्षेत्र में की गई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। प्राधिकरण लगातार ऐसे निर्माणों की निगरानी कर रहा है जो बिना स्वीकृति या मानकों के विपरीत बनाए जा रहे हैं। हमने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माणों के खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई की जाए। शहर की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और भविष्य की प्लानिंग को देखते हुए नियमों का पालन बेहद जरूरी है। आम नागरिक भी भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य लें। भविष्य में भी अवैध निर्माणों पर अभियान और तेज किया जाएगा।
मोहन सिंह बर्निया
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। रेसकोर्स स्थित व्यवसायिक बहुमंजिला भवन पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस भी जारी किए गए थे। एमडीडीए की टीम लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति निर्माण करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी
